Hindi Paper-ii Syllabus - ASST. PROF. (college Education) | Hoffawhy
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Number of Questions
Maximum Marks
Duration of Paper
150
75
3 Hours
Note :-
All questions carry equal marks.
There will be Negative Marking.
Medium of Competitive Exam: Bilingual in English & Hindi.
Syllabus : हिंदी -II
इकाई-1-हिन्दी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा और आदिकाल
हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परंपरा। काल विभाजन और नामकरण। प्रमुख इतिहास ग्रंथों का परिचय।
आदिकाल
सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, आदिकाल की साहित्यिक प्रवृत्तियाँ-सिद्ध, नाथ एवं जैन साहित्य, रासो काव्य परंपरा एवं तत्संबंधी प्रामाणिकता का प्रश्न, प्रमुख कवि एवं उनकी रचनाएँ (सरहपाद, गोरखनाथ, चंदबरदाई, नरपति नाल्ह, अमीर खुसरो, विद्यापति)
इकाई-2-भक्तिकाल
भक्तिकाल – साहित्य का ऐतिहासिक और सामाजिक-सांस्कृतिक आधार। भक्ति आंदोलन का अखिल भारतीय स्वरूप। भक्ति आंदोलन की दार्शनिक पृष्ठभूमि, भक्ति आंदोलन के प्रमुख संप्रदाय एवं आचार्य। भक्ति आंदोलन का क्षेत्रीय वैशिष्ट्य और राजस्थान में भक्ति आंदोलन।
भक्ति आंदोलन एवं सामाजिक समरसता। भक्तिकालीन प्रवृत्तियाँ – निर्गुण भक्ति साहित्य (कबीर, रैदास, दादू) सूफी काव्य (कुतुबन, मंझन और जायसी) कृष्ण भक्ति साहित्य (सूरदास, नंददास और मीरां) राम भक्ति साहित्य (तुलसीदास)।
इकाई-3 - रीतिकाल
रीतिकाल साहित्य की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि। रीतिकालीन काव्यशास्त्र। रीतिकालीन साहित्य की स्रोत सामग्री। वर्गीकरण – रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त। प्रमुख कवि और उनकी रचनाएं (केशवदास, मतिराम, भूषण, देव, भिखारीदास, बिहारी, पद्माकर, सेनापति, आलम और घनानंद)।
इकाई—4-आधुनिककालः काव्य
आधुनिककाल की ऐतिहासिक और सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि – 1857 का स्वाधीनता संग्राम, हिन्दी नवजागरण, भारतेंदु और उनका मंडल। भारतेंदु युगीन हिन्दी पत्रकारिता। महावीर प्रसाद द्विवेदी और सरस्वती की भूमिका। राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्यधारा – मैथिलीशरण गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी, रामधारीसिंह दिनकर, श्यामनारायण पांडेय, सुभद्रा कुमारी चौहान।
छायावाद - पृष्ठभूमि, प्रवृत्तियां, प्रमुख कवि और रचनाएं – जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा।
प्रगतिवादी काव्य – केदारनाथ अग्रवाल, नागार्जुन, शमशेर, मुक्तिबोध, प्रयोगवाद और नई कविता- अज्ञेय, धर्मवीर भारती, नरेश मेहता, रघुवीर सहाय, विजयदेव नारायण साही और जगदीश गुप्त।