Hindi Syllabus - SR. Teacher Gr Ii (SPL. EDU.) | Hoffawhy
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विषय
प्रश्नों की संख्या
अधिकतम अंक
विषय ज्ञान (माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर)
90
180
विषय ज्ञान (स्नातक स्तर)
40
80
शिक्षण विधियाँ
20
40
कुल
150
300
टिप्पणी :-
वस्तुनिष्ठ प्रकार का पेपर।
सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
नेगेटिव मार्किंग होगी.
प्रश्न पत्र की अवधि 2:30 मिनट होगी।
पाठ्यक्रम : हिंदी
Part - (i) (माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर)
(अ)
वर्ण विचार
स्वर व व्यंजनों के प्रकार - प्रयत्न और स्थान की दृष्टि से ।
शब्द विचार
तत्सम, तद्भव, देशज व विदेशी शब्द ।
विकारी शब्द
संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रियाओं के भेद एवम् उदाहरण ।
अविकारी शब्द
अव्यय के भेद व उदाहरण ।
वाक्य रचना
वाक्य में शब्दों के क्रम, वाक्य भेद, आश्रित उपवाक्य के भेद व उदाहरण ।
शब्द रचना
समास, संधि, उपसर्ग व प्रत्यय के भेद ।
शब्द ज्ञान
पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, अनेकार्थ शब्द, समानोच्चारित शब्द (युग्म – शब्द), वाक्यांश के लिए एक शब्द ।
शुद्ध लेखन
वर्तनी की शुद्धता और वाक्यगत अशुद्धियों का सुधार ।
भाषा ज्ञान
मुहावरे व कहावतें, अपठित गद्यांश/पद्यांश आधारित प्रश्न ।
(आ)
राष्ट्रभाषा, राजभाषा, खड़ी बोली / देवनागरी लिपि के सुधार का इतिहास ।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर के नवीनतम सत्र के पाठ्यक्रम में समाहित समस्त रचनाकारों की कक्षा नवम् से बारहवीं तक अनिवार्य हिन्दी एवं ऐच्छिक हिन्दी की समस्त गद्य एवं पद्य रचनाओं का समावेश पाठ्यक्रम में किया जाएगा।
Part - (ii) स्नातक स्तरीय हिन्दी भाषा का ज्ञान
(अ)
शब्द शक्तियों के भेद व उदाहरण ।
काव्य की रीतियाँ, काव्य गुण, काव्यदोष (श्रुतिकटुत्व, ग्राम्यत्व, अप्रतीत्व, क्लिष्टत्व, अकमत्व तथा दुष्कमत्व)
द्रुतविलम्बित, हरिगीतिका, कवित्त, सवैया, दोहा, सोरठा व चौपाई ।
रस
रस का स्वरूप तथा रसावयव ।
(आ)
हिन्दी साहित्य के इतिहास का नामकरण, कालविभाजन, प्रमुख प्रवृत्तियाँ एवं रचना व रचनाकार ।
हिन्दी भाषा का उद्भव एवं विकास, हिन्दी एवं उसकी बोलियों का सामान्य परिचय ।
कबीर ग्रन्थावली – साखी प्रथम 5 अंग एवं 10 पद (सम्पादक श्यामसुन्दर दास)
तुलसीदास – रामचरितमानस (बालकाण्ड)
सूरदास – भ्रमरगीतसार (प्रथम 20 पद – रामचन्द्र शुक्ल)
मीरांबाई – मीरां पदावली (प्रथम 20 पद – परशुराम चतुर्वेदी)
बिहारी रत्नाकर (प्रथम 20 दोहे)
सूर्यमल्ल मिश्रण – वीर सतसई (प्रथम 20 दोहे)
रामधारी सिंह दिनकर – कुरुक्षेत्र (प्रथम सर्ग)
जयशंकर प्रसाद – कामायनी (आनन्द सर्ग)
अज्ञेय – असाध्य वीणा ('आँगन के पार द्वार' से)
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल – (चिन्तामणि भाग-1 केवल उत्साह, श्रद्धा, भक्ति, लोभ और प्रीति)
मोहन राकेश – लहरों के राजहंस
कहानियाँ
'उसने कहा था' चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
'जहाँ लक्ष्मी कैद है ' राजेन्द्र यादव
'एक और जिन्दगी' मोहन राकेश
'परिन्दे' निर्मल वर्मा
Part - (iii) हिन्दी शिक्षण का विधिशास्त्र
(अ)
माध्यमिक स्तर पर हिन्दी शिक्षण के लक्ष्य व उद्देश्य, हिन्दी शिक्षण के ज्ञानात्मक, बोधात्मक, कौशलात्मक उद्देश्यों का निर्धारण, विशिष्ट उद्देश्यों का ज्ञान।
गद्य-शिक्षण का अर्थबोध, व्याख्या, विश्लेषण और संयुक्त विधि का परिचय व समीक्षा ।
पद्य शिक्षण का शब्दार्थ कथन, खण्डान्वय, व्यास और समीक्षा विधि का ज्ञान।
व्याकरण शिक्षण की आगमन, निगमन, भाषा संसर्ग, व्याख्यान, प्रदर्शन एवं पाठ्य-पुस्तक विधियों का ज्ञान, भाषा अधिगम-शिक्षण में सहायक सामग्रियों के उपयोग की जानकारी।
(आ)
भाषा शिक्षण के प्रमुख शिक्षण-कौशल, सूक्ष्म शिक्षण योजना, दैनिक पाठ योजना, इकाई पाठ योजना की अवधारणा एवं प्रारूप का व्यावहारिक ज्ञान, शिक्षण सहायक सामग्री का कक्षा शिक्षण में उपयोग, भाषा शिक्षण में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन।