Scroll horizontally to view more | Paper | Number of Questions | Maximum Marks |
|---|
| Paper-I | 150 | 75 |
Note :-
- Duration of Paper: 3 Hours
- All Questions carry equal marks.
- Medium of Competitive Exam: Bilingual in English & Hindi
- There will be Negative Marking.
- Objective type paper .
Syllabus : हिंदी-I
इकाई-1 - हिंदी भाषा तथा व्याकरण
- हिंदी भाषा का उद्भव एवं विकास
- हिंदी भाषा की प्रमुख बोलियाँ
- राजस्थानी
- ब्रज
- खड़ी बोली
- अवधी
- भोजपुरी
- राजस्थानी भाषा का प्राचीन स्वरूप - डिंगल
- राजस्थानी भाषा की प्रमुख बोलियाँ
- मारवाड़ी
- मेवाती
- ढूँढाड़ी
- हाड़ौती
- मेवाड़ी
- वागड़ी
- राजभाषा के रूप में हिंदी की संवैधानिक स्थिति तथा मानक हिंदी
- देवनागरी लिपि की विशेषताएं तथा मानकीकरण
- हिंदी व्याकरण
- मानक वर्णमाला
- शब्द तथा शब्द निर्माण
- उपसर्ग
- प्रत्यय
- संधि
- स्वर
- व्यंजन
- समास
- वाक्य एवं वाक्य भेद
- शब्द शुद्धि एवं वाक्य शुद्धि
- शब्द के व्याकरणिक प्रकार
- संज्ञा
- सर्वनाम
- विशेषण
- क्रिया
- क्रिया विशेषण
- संबंधसूचक अव्यय
- समुच्चयबोधक अव्यय
इकाई-2 - भारतीय काव्यशास्त्र
- काव्य
- परिभाषा
- काव्य लक्षण
- काव्य हेतु और काव्य प्रयोजन
- साहित्य का स्वरूप
- भारतीय काव्यशास्त्र
- रस सिद्धांत तथा साधारणीकरण
- रस निष्पत्ति
- ध्वनि सिद्धांत
- वक्रोक्ति सिद्धांत
- अलंकार सिद्धांत
- अलंकार
- अनुप्रास
- यमक
- श्लेष
- वक्रोक्ति
- उपमा
- उत्प्रेक्षा
- रूपक
- संदेह
- भ्रांतिमान
- विभावना
- वयण सगाई
- अपन्हुति
- छंद
- दोहा
- चौपाई
- सोरठा
- उल्लाला
- छप्पय
- कुंडलियां
- गीतिका
- हरिगीतिका
- मंदाक्रांता
- द्रुतविलंबित
- कवित्त
इकाई-3 - पाश्चात्य काव्यशास्त्र
- प्लेटो का काव्य सिद्धांत
- अरस्तू का काव्य सिद्धांत
- अनुकरण
- विरेचन और त्रासदी
- लॉन्जाइनस - उदात्त सिद्धांत
- क्रोचे - अभिव्यंजना सिद्धांत
- कॉलरिज - कल्पना सिद्धांत
- टी.एस. एलियट - परंपरा एवं निर्वैयक्तिकता सिद्धांत
- मार्क्सवादी साहित्य चिंतन
- उत्तर आधुनिकतावाद तथा विखंडनवाद
इकाई-4 - आदिकाल एवं मध्यकाल: निर्धारित पाठ
- पृथ्वीराज रासो (पद्मावती समय) - चंदबरदाई, नागरी प्रचारणी सभा, वाराणसी
- कबीर ग्रंथावली - (सं. श्यामसुंदर दास) - आरंभिक 20 पद, साखियाँ - गुरु कौ अंग एवं विरह कौ अंग (प्रकाशक - नागरी प्रचारणी सभा, वाराणसी)
- मीराँ पदावली - सं० डॉ० शम्भुसिंह मनोहर (प्रका० रिसर्च पब्लिकेशनस, जयपुर)
- भ्रमरगीत सार - (सं. रामचन्द्र शुक्ल) - 21 से 50 पद (प्रकाशक - नागरी प्रचारणी सभा - वाराणसी)
- जायसी ग्रंथावली - नागमती वियोग खंड (सं. रामचन्द्र शुक्ल) (प्रकाशक - नागरी प्रचारणी सभा, वाराणसी)
- कवितावली - तुलसीदास - पद संख्या 65 से 110 (नाम - विश्वास, कलि-वर्णन, राम-नाम-महिमा) (प्रकाशक - गीता प्रेस, गोरखपुर)
- बिहारी रत्नाकर - (सं. जगन्नाथ दास रत्नाकर) - आरंभिक 25 दोहे (प्रका० गंगा पुस्तकमाला कार्यालय, लखनऊ)
- घनानंद कवित्त - (सं. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र) - 1 से 25 तक छंद (प्रका० वाणी वितान प्रकाशन, वाराणसी)
इकाई-5 - आधुनिक काल: निर्धारित पाठ
- कामायनी - जयशंकर प्रसाद (चिंता तथा श्रद्धा सर्ग)
- राम की शक्ति पूजा - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
- अंधेरे में - गजानन माधव मुक्तिबोध
- गोदान - प्रेमचंद
- महाभोज (उपन्यास) - मन्नू भंडारी
- आधे-अधूरे - मोहन राकेश
- निबंध
- श्रद्धा और भक्ति (रामचंद्र शुक्ल)
- नाखून क्यों बढ़ते हैं (हजारी प्रसाद द्विवेदी)
- राघवः करुणो रसः (कुबेरनाथ राय)
- कहानियाँ
- उसने कहा था (चंद्रधर शर्मा गुलेरी)
- कफ़न (प्रेमचंद)
- पुरस्कार (जयशंकर प्रसाद)
- रोज़ (अज्ञेय)
- गदल (रांगेय राघव)
- पराई प्यास का सफर (आलमशाह खान)
- सलाम (ओमप्रकाश वाल्मीकि)
- आपकी छोटी लड़की (ममता कालिया)
- यात्रा वृत्तांत : सौंदर्य की नदी नर्मदा - अमृतलाल वेगड़