लोक गीत, लोक कथा, लोक गाथा, लोक नाट्य, लोकोक्ति (कहावते एवं मुहावरे)
लोकदेवी-देवता, लोक उत्सव, (मेले, पर्व एवं तीज त्यौहार)
लोक कला- (मांडणे एवं सांझी)
राजस्थानी काव्य शास्त्र :-
साहित्य का स्वरूप एवं विवेचन
रस सिद्धांतः रसनिष्पत्ति, साधारणीकरण
ध्वनिसिद्धांत एवं वक्रोक्ति सिद्धान्त
खण्ड IV- (शैक्षिक मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, शिक्षण-अधिगम सामग्री, कम्प्यूटर एवं सूचना तकनीकी का शिक्षण-अधिगम में उपयोग)
शिक्षण-अधिगम में मनोविज्ञान का महत्व :
अधिगमकर्ता
शिक्षक
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया
विद्यालय प्रभावशीलता
अधिगमकर्ता का विकास : किशोर अधिगमकर्ता में
संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक संवेगात्मक एवं नैतिक विकास के प्रतिमान (Patterns) एवं वैशिष्ट्य (characteristics).
शिक्षण-अधिगम :
उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए – व्यवहारवादी, संज्ञानवादी और निर्मितिवादी (Constructivist) सम्प्रत्यय, अधिगम के सिद्धान्त एवं इनके निहितार्थ ।
किशोर अधिगमकर्ता की अधिगमकर्ता की अधिगम-विशेषताएँ एवं इनके शिक्षण के लिए निहितार्थ ।
किशोर - अधिगमकर्ता प्रबंधन :
मानसिक – स्वास्थ्य एवं समायोजन – समस्याओं का सम्प्रत्यय
किशोर के मानसिक स्वास्थ्य के लिए संवेगात्मक – बुद्धि एवं इसके निहितार्थ।
किशोर के मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित (परिपोषित) करने की मार्गदर्शक प्रविधियों का उपयोग
किशोर – अधिगमकर्त्ता के लिए अनुदेशनात्मक व्यूहरचनाएँ :
सम्प्रेषण कौशल एवं इसके उपयोग।
शिक्षण की अवधि में, शिक्षण-अधिगम सामग्री का आयोजन एवं उपयोग ।
शिक्षण – प्रतिमान- अग्रिम संगठन, वैज्ञानिक-पृच्छा (enquiry), सूचना, प्रक्रम (processing), सहकारी अधिगम (cooperative).
शिक्षण- आधारित निर्मितिवादी– सिद्धान्त (constructivist principles).
सूचना सम्प्रेषण तकनीकी शिक्षाशास्त्र समाकलन :
सूचना सम्प्रेषण तकनीकी (ICT) का सम्प्रत्यय
हार्डवेयर (hardware) एवं सॉफ्टवेयर (software) का सम्प्रत्यय
प्रणाली-उपगाम से अनुदेशन
कम्प्यूटर सहायता प्राप्त अधिगम (CAL)
कम्प्यूटर सहायता प्राप्त अनुदेशन (CAI)
आई.सी.टी. शिक्षाशास्त्र समाकलन को प्रभावित करने वाले कारक।