कृषि पर्यवेक्षक Syllabus - Agriculture Supervisor | हॉफाव्हाई
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परीक्षा स्कीम
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भाग
विषय का नाम
प्रश्नों की संख्या
पूर्णांक
भाग-I
सामान्य हिन्दी
15
45
भाग-II
राजस्थान का सामान्य ज्ञान, इतिहास एवं संस्कृति
25
75
भाग- III
शस्य विज्ञान
20
60
भाग- IV
उद्यानिकी
20
60
भाग- V
पशुपालन
20
60
कुल योग
100
300
नोट:
परीक्षा का समय 2 घंटे का होगा।
प्रश्न पत्र वैकल्पिक प्रकार का होगा।
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का होगा।
प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक की कटौती होगी।
पाठ्यक्रम (Syllabus)
भाग - I : सामान्य हिन्दी प्रश्नों की संख्या-15 ; पूर्णांक-45
दिये गये शब्दों की संधि एवं शब्दों का संधि-विच्छेद
उपसर्ग एवं प्रत्यय–इनके संयोग से शब्द-संरचना तथा शब्दों से उपसर्ग एवं प्रत्यय को पृथक् करना, इनकी पहचान
समस्त (सामासिक) पद् की रचना करना, समस्त (सामासिक) पद का विग्रह करना
शब्द युग्मों का अर्थ भेद
पर्यायवाची शब्द और विलोम शब्द
शब्द शुद्धि – दिये गये अशुद्ध शब्दों को शुद्ध लिखना
वाक्यांश के लिये एक उपयुक्त शब्द
वाक्य शुद्धि – वर्तनी संबंधी अशुद्धियों को छोडकर वाक्य संबंधी अन्य व्याकरणिक अशुद्धियों का शुद्धिकरण
पारिभाषिक शब्दावली - प्रशासन से सम्बन्धित अंग्रेजी शब्दों के समकक्ष हिन्दी शब्द
मुहावरे - वाक्यों में केवल सार्थक प्रयोग अपेक्षित है
लोकोक्ति - वाक्यों में केवल सार्थक प्रयोग अपेक्षित है
भाग - II : राजस्थान का सामान्य ज्ञान, इतिहास एवं संस्कृति प्रश्नों की संख्या- 25 ; पूर्णांक-75
राजस्थान की भौगोलिक संरचना
भौगोलिक विभाजन, जलवायु, प्रमुख पर्वत, नदियां, मरूस्थल एवं फसलें
राजस्थान का इतिहास
सभ्यताएं – कालीबंगा एवं आहड़
प्रमुख व्यक्तित्व: महाराणा कुंभा, महाराणा सांगा, महाराणा प्रताप, राव जोधा, राव मालदेव, महाराजा जसवंतसिंह, वीर दुर्गादास, जयपुर के महाराजा मानसिंह - प्रथम, सवाई जयसिंह, बीकानेर के महाराजा गंगासिंह । राजस्थान के प्रमुख साहित्यकार, लोक कलाकार, संगीतकार, गायक कलाकार, खेल एवं खिलाडी इत्यादि ।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राजस्थान का योगदान एवं राजस्थान का एकीकरण
विभिन्न राजस्थानी बोलियां, कृषि, पशुपालन क्रियाओं की राजस्थानी शब्दावली
कृषि, पशुपालन एवं व्यावसायिक शब्दावली
लोक देवी-देवता - प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
प्रमुख लोक पर्व, त्योहार, मेले – पशु मेले
राजस्थानी लोक कथा, लोक गीत एवं नृत्य, मुहावरे, कहावतें, फड, लोक नाट्य, लोक वाद्य एवं कठपुतली कला ।
विभिन्न जातियां - जन जातियां
स्त्री-पुरुषों के वस्त्र एवं आभूषण
चित्रकारी एवं हस्तशिल्पकला - चित्रकला की विभिन्न शैलियां, भित्ति चित्र, प्रस्तर शिल्प, काष्ठ कला, मृदमाण्ड (मिट्टी) कला, उस्ता कला